श्रीनगर : आतंकी हमले में सीआरपीएफ का जवान शहीद

आखिरी बार बेटी से कहा- रोज स्कूल जाना, अच्छी बेटी बनना; पत्नी बोली- हम कैसे जिएंगे मुंगेर। श्रीनगर के लाल चौक पर हुए आतंकी हमले में बिहार के लाल विशाल कुमार शहीद हो गये। मुंगेर के हवेली खड़कपुर निवासी सीआरपीएफ जवान विशाल कुमार की शहादत की खबर जैसे ही परिजन को मिली, शोक की लहर…

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मुंगेर। श्रीनगर के लाल चौक पर हुए आतंकी हमले में बिहार के लाल विशाल कुमार शहीद हो गये। मुंगेर के हवेली खड़कपुर निवासी सीआरपीएफ जवान विशाल कुमार की शहादत की खबर जैसे ही परिजन को मिली, शोक की लहर दौड़ गई। गांव में मातम पसरा है।
बीते सोमवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आतंकियों ने सीआरपीएफ की टुकड़ी पर अचानक हमला कर दिया। लाल चौक के मैसुमा में आतंकियों ने सीआरपीएफ के जवानों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। जिसमें मुंगेर के लाल विशाल शहीद हो गए। हमले में दो जवान भी घायल हुए हैं।
विशाल नाकी गांव के रहने वाले रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी सरयुग मंडल के बेटे थे। विशाल की शादी 2009 सुरेंद्र मंडल की बेटी बबीता कुमारी से हुई थी। उनकी 2 बेटियां 7 साल की बिहू भारती और 4 साल की सृष्टि कुमारी हैं। शहीद जवान की बेटी को अपने पापा के मौत की खबर तो है, लेकिन समझ नहीं है। 7 साल की बिहू बार-बार कह रही है, ‘पापा सुबह में फोन किए थे, कह रहे थे स्कूल रोज जाना है। अच्छी बेटी बनना। आज सुबह फोन आया था। रात में भी फोन आएगा।’ घर वाले उसे समझा रहे हैं कि अब ऐसा नहीं होगा। पापा का फोन नहीं आएगा। फिर भी उसकी इतनी समझ नहीं है कि इसे समझ सके। उसे नहीं पता कि अब उनके पिता का फोन कभी नहीं आएगा और न ही पापा उठकर बेटी को गले लगाएंगे।
खबर के बाद पूरे जिले में गमगीन माहौल हो गया। पति के शहीद होने के बाद उसकी पत्नी का रो-रो बुरा हाल है। बिलखते हुए वह कह रही थी कि पिछले साल ही बगल में जमीन लिए थे। मकान बना रहे थे। छत की ढलाई भी नहीं हुई थी। हमारा तो आशियाना ही उजड़ गया। अब कौन मकान बनाएगा? दोनों बेटियों को कौन पढ़ाएगा। कैसे हम जिएंगे।

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