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उत्तरकाशी : बीमार महिला को 8 किमी डंडी-कंडी से ढोकर पहुंचाया अस्पताल

उत्तरकाशी। यहां जनपद के सर बडियार पट्टी के डिगाड़ी गांव की बीमार महिला शकुंतला देवी को ग्रामीणों ने आठ किलोमीटर डंडी-कंडी से ढोकर बड़कोट अस्पताल पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने उसे देहरादून रेफर कर दिया।ग्रामीणों का आरोप है कि सर बडियार पट्टी के आठ गांवों के लिए जो एलोपैथिक सेंटर बनाया…

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उत्तरकाशी। यहां जनपद के सर बडियार पट्टी के डिगाड़ी गांव की बीमार महिला शकुंतला देवी को ग्रामीणों ने आठ किलोमीटर डंडी-कंडी से ढोकर बड़कोट अस्पताल पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने उसे देहरादून रेफर कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि सर बडियार पट्टी के आठ गांवों के लिए जो एलोपैथिक सेंटर बनाया गया, उसमें लंबे समय से मेडिकल स्टाफ न होने के कारण ताला लटका हुआ है। गौरतलब है कि पुरोला ब्लॉक के सुदूरवर्ती क्षेत्र सर बडियार पट्टी के सर, डिगाड़ी, लिवटाड़ी, कसलूं, किमडार, पौंटी, गोल व छानिका गांव के ग्रामीणों को लंबे समय से सड़क न होने का खमियाजा भुगतना पड़ रहा है। पट्टी के आठ गांव आज तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। जिस कारण इन आठ गांव में सबसे बुरा हाल स्वास्थ्य सेवाओं का है। गांव में गर्भवती हो या किसी अन्य बीमारी से ग्रसित मरीज को हमेशा डंडी-कंडी पर लाद कर सात से आठ किमी दूर बड़कोट अस्पताल पहुंचाना पड़ता है।
गौरतलब है कि साल 2020 में भी सर बडियार क्षेत्र की लेवटाड़ी गांव की कंचन (20) की समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मौत हो गई थी। ताजा मामला डिगाड़ी गांव का है. यहां 49 साल की शकुंतला देवी एक हफ्ते से बीमार थी। आज सोमवार को शकुंतला की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई तो ग्रामीण शकुंतला देवी को डंडी-कंडी में लादकर बड़कोट अस्पताल ले आए। जहां डॉक्टरों ने शकुंतला को हायर सेंटर देहरादून रेफर कर दिया।

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