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देहरादून: 13 दिसंबर से पर्यटकों के लिए फिर से खुलेगा एफआरआई

देहरादून। देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) कोविड-19 प्रोटोकॉल के पालन के साथ 13 दिसंबर से पर्यटकों के लिए फिर से खुलने जा रहा है। अभी एक दिन में सुबह नौ से शाम पांच बजे तक केवल 200 लोगों को ही परिसर में आने की इजाजत दी जाएगी। एहतियात के तौर पर एफआरआई में आने…

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देहरादून। देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) कोविड-19 प्रोटोकॉल के पालन के साथ 13 दिसंबर से पर्यटकों के लिए फिर से खुलने जा रहा है। अभी एक दिन में सुबह नौ से शाम पांच बजे तक केवल 200 लोगों को ही परिसर में आने की इजाजत दी जाएगी। एहतियात के तौर पर एफआरआई में आने वालों को कोविड से बचाव के नियमों का पालन करना होगा। वहीं, ऑनलाइन पंजीकरण वाले पर्यटकों को एफआरआई परिसर में प्रवेश करने की अनुमति होगी। पर्यटकों को एक दिन पहले fri.icfre.gov.in पर आनलाइन आवेदन करना होगा। जहां से उन्हें एंट्री पास मिलेगा। गेट पर फीस के साथ एंट्री होगी। संस्थान में सुबह और शाम की वॉक के लिए एफआरआई परिसर पहले की तरह ही खुला रहेगा। बता दें कि कोरोना के चलते एफआरआई तीन बार पर्यटकों के लिए बंद हो चुका है। जिसके बाद से अब तक पूरी तरह नहीं खुल पाया। वहीं प्रदेश में कोरोना का पहला मामला एफआरआई कैंपस में ही मिला था।  
गौरतलब हो कि पिछले दिनों आईएफएस अफसरों के संक्रमित मिलने के बाद एफआरआई में पर्यटकों का प्रवेश बंद कर दिया गया था। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में मिड टर्म प्रशिक्षण लेने आए गुजरात, झारखंड, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों के 11 वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद वन अनुसंधान संस्थान में पर्यटकों और मॉर्निंग वॉकर्स समेत तमाम बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। सिर्फ संस्थान के अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को ही परिसर में दाखिल होने की इजाजत थी। कोरोना की पहली लहर होने के बाद संस्थान परिसर को लगातार दो साल तक पर्यटकों और मॉर्निंग वॉकर्स के लिए बंद रखा गया था। हालात सामान्य होने के बाद संस्थान निदेशक पर की ओर से मॉर्निंग वाकर्स और पर्यटकों के लिए संस्थान परिसर को खोला गया था।

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