,

वृक्ष लगाने से ज्यादा उसकी देखभाल जरूरी : त्रिवेंद्र

कहा, अपने आने वाली पीढ़ी के सुखद भविष्य के लिए अवश्य लगाएं ‘एक व्यकि-एक वृक्ष’ देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पौधरोपण कर सब को यह संदेश देना चाहते हैं कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मेहनत और धैर्य की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वृक्ष लगाने से ज्यादा महत्वपूर्ण उनकी देखरेख है। उन्होंने सब…

Khabri Bhula Avatar

द्वारा

1 minute

पढ़ने का समय

  • कहा, अपने आने वाली पीढ़ी के सुखद भविष्य के लिए अवश्य लगाएं ‘एक व्यकि-एक वृक्ष’

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पौधरोपण कर सब को यह संदेश देना चाहते हैं कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मेहनत और धैर्य की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वृक्ष लगाने से ज्यादा महत्वपूर्ण उनकी देखरेख है। उन्होंने सब से आह्वान किया  कि अपने आने वाली पीढ़ी के सुखद भविष्य के लिए ‘एक व्यकि-एक वृक्ष’ अवश्य लगाएं तथा बड़े होने तक उसकी देखभाल भी अवश्य करें।
यह उनकी दूरदर्शी सोच ही थी कि चार वर्ष पहले ‘मिशन रिस्पना से ऋषिपर्णा’ के तहत जनसहयोग से व्यापक पौधरोपण किया गया था और जिसके परिणाम आज वहां दिखने लगे हैं। वहां की हरियाली आंखों को सुकून देती है। वर्ष 2018 में रिकॉर्ड 1 लाख 67 हजार पौधे रोपे गए थे। स्वयं उनके और उनकी टीम द्वारा समय-समय पर कैरवान गांव में रोपे गए पौधों का निरीक्षण किया जाता है।
वर्तमान में अधिकतर पौधे अब बढ़कर वृक्ष बनते जा रहे हैं और कई फलदार वृक्षों पर फल भी लगने लगे हैं। पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर  बनाने का पूर्व सीएम का संकल्प जनसहयोग से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है। हर विश्व पर्यावरण दिवस पर त्रिवेन्द्र सिंह रावत पर्यावरण की बेहतरी के लिए स्वयं से आगे आकर प्रयास करते रहे हैं और यह सिलसिला जारी है। इस विश्व पर्यावरण दिवस यानी 05 जून को भी कुछ ऐसा देखने को मिलेगा। कैरवान गांव में 05 जून को प्रातः 10:30 बजे से एक गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है जिसका विषय ‘पृथ्वी पर बढ़ता तापमान एक चुनौती’ है। 

लेखक के बारे में

विज्ञापन
उत्तराखंड में अग्निवीरों को समूह-ग की वर्दीधारी सेवाओं में 10% क्षैतिज आरक्षण
विज्ञापन
उत्तराखंड सरकार: क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों को 50% तक सब्सिडी

पुरानी खबरें खोजें

वर्षों की खबरें और ब्रेकिंग रिपोर्ट यहाँ खोजें