उत्तराखंड: बच्ची की दर्दनाक मौत, रोडवेज बस ने मासूम को 20 मीटर तक घसीटा, लोगों ने रोड जाम की
Chardham Yatra 2026: यात्रा के पहले ही दिन यमुनोत्री रूट पर दो तीर्थयात्रियों की मौत
उत्तरकाशी। यमुनोत्री धाम में आए दो तीर्थ यात्रियों की पैदल मार्ग पर अचानक तबीयत खराब हुई और मौत हो गई। चिकित्सकों के अनुसार दोनों यात्रियों की मौत का कारण हृदय गति रुकने से बताया जा रहा है। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को परिजनों को सौंप दिए हैं।
जानकीचट्टी स्वास्थ्य केंद्र डाक्टर हरदेव सिंह पंवार के अनुसार, देर रात इंदौर मध्यप्रदेश की 40 वर्षीय प्रतिभा मिश्रा को अचेतन अवस्था में अस्पताल लाया गया था, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
इससे पहले, जानकीचट्टी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को करीब पौने चार बजे एक नेपाली मजदूर द्वारा एक व्यक्ति को मृत अवस्था में जानकीचट्टी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया। चिकिसकों ने उसकी सूचना पुलिस को दी और शव को पुलिस से सुपुर्द किया गया। मृतक व्यक्ति की पहचान उदय गजानन तांबे (65) निवासी नासिक, महाराष्ट्र के रूप में हुई है।
बता दें कि यमुनोत्री धाम की पांच किमी पैदल यात्रा होती है। जैसे-जैसे ऊंचाई की तरफ बढ़ते हैं, ऑक्सीजन लेवल कम हो जाता है। ऐसे में सांस और दिल के मरीजों को सांस लेने में कठिनाई होने लगती है। इससे यहां बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। चिकित्सकों ने जानकीचट्टी में सभी तीर्थयात्रियों को मेडिकल चेकअप के बाद ही यमुनोत्री धाम की यात्रा करने की सलाह दी है।
गौरतलब है कि 19 अप्रैल से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है। रविवार को गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट खुले हैं। पहले दिन यमुनोत्री धाम में 8,200 और गंगोत्री धाम में 1,600 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। दोनों धामों में पहले दिन कुल 9,800 तीर्थयात्री दर्शन करने पहुंचे। इन तीर्थयात्रियों में 5,503 पुरुष, 4033 महिलाएं और 264 बच्चे शामिल रहे।
