मुख्यमंत्री धामी ने ऋषिकेश से चार धाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
उत्तराखंड निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी किया घोषणा पत्र, जनता से किए ये वादे
देहरादून। भाजपा के बाद अब कांग्रेस ने भी निकाय चुनाव के लिए घोषणा पत्र जारी कर दिया है। वचनों में पहला वचन हिमालयी ग्लेशियर पिघलने से जलवायु परिवर्तन की वजह से बढ़ रहे प्रदूषण, तापमान में वृद्धि की दशा में काम करने का लिया है। वचन पत्र जारी करने के दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, निकाय चुनाव सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव गुरदीप सप्पल, महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जसविंदर जोगी, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत भी मौजूद रहे।
कांग्रेस का घोषणा पत्र…
- हिमालयी ग्लेशियर पिघलने से जलवायु परिवर्तन के कारण पर्यावरण लगातार प्रदूशित हो रहा है और तापमान में वृद्धि होती जा रही है, जिस कारण बादल फटने, भू-धंसाव एवं दैवीय आपदा की घटनायें बढ़ती जा रही हैं। इसके लिए हम ग्रीन उत्तराखण्ड की दिशा में काम करते हुए निकायों में विस्तृत कार्य योजना बनायेंगे।
- प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों के सभी वार्डों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति आपति सुनिश्चित की जायेगी तथा आम गरीब आदमी को भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके इसके लिए हर वार्ड में वाटर प्यूरिफायर (आर.ओ) लगाये जायेंगे।
- मलिन बस्तियों के नियमितीकरण एवं पुनर्वास के लिए 2016 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा कानून बनाया गया जिसे भास्तीय जनता पार्टी सरकार ने सत्ता में आते ही समाप्त कर दिया। कांग्रेस सरकार द्वारा मलिन बस्तियों के नियमितीकरण के लिए बनाये गये कानून को लागू करने के लिए प्रदेश सरकार पर दबाव बनायेंगे।
- नगरीय क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित और आसान बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाये जायेंगे। इसके लिए पुलिस प्रशासन और अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर जगह-जगह नये वाहन पार्किंग स्थल बनाये जायेंगे।
- नगरीय क्षेत्र को हरा-भरा बनाने व पर्यावरण सुधार के लिए मोहल्ला स्तर पर समितियां गठित कर उनके माध्यम से वृक्षारोपण की जिम्मेदारी के साथ-साथ समितियों के माध्यम से जितना वृक्षारोपण किया जायेगा उसकी देखभाल व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मालियों की नियुक्ति की जायेगी तथा पेड़ों के बेतहाशा कटान पर रोक लगाई जायेगी।
- टैक्स प्रणाली की समीक्षा के साथ ही आम जनता से सुझाव लेकर उसमें सुधार किया जायेगा जिससे हाउस टैक्स व अन्य करों में जनता को जटिलता का सामना न करना पड़े।
- सडकों के किनारे अनावश्यक अतिक्रमण को रोक कर रेहड़ी, फड और अन्य छोटे-छोटे व्यवसाय करने वालों को निश्चित स्थान उपलब करवाये जायेंगे जिससे यातायात की व्यवस्था भी प्रभावित न हो तथा गरीब परिवारों को रोजगार भी उपलब्ध हो सके।
- नगरीय क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर शहरों को जल भराव की समस्या से निजात दिलाई जायेगी।
- वार्ड स्तर पर आम जनमानस के लिए पार्कों का निर्माण और पुराने पार्कों का रखरखाव एवं सौन्दर्गीकरण के साथ-साथ बच्चों के लिए मनोरंजन की व्यवस्था उपलब्ध करायेंगे।
- वाडों में नालियों का निर्माण और रख-रखाव सुनिश्चित करेंगे।
- नगरीय क्षेत्रों में हर घर से नियमित कूड़ा उठान एवं उसका प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करेंगे साथ ही कूड़ा निस्तारण के लिए आबादी से दूर वैकल्पिक ट्रेचिंग ग्राउंड बनाये जायेंगे।
- सभी नगरीय क्षेत्रों में आधुनिक लाइब्रेरी की श्रृंखला बनाई जायेगी।
- महिला अपराध में हिमालयी राज्यों में उत्तराखण्ड राज्य का आज प्रथम स्थान है। बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन से बेहतर समन्वय बनाकर कार्ययोजना बनायेंगे।
- आम नागरिकों विषेशकर महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टि से वार्ड स्तर पर सी.सी. टीवी कैमरे लगवाकर उसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करेंगे।
- महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक उत्थान एवं कौशल विकास के लिए महिला सशक्तीकरण केन्द्र खोले जायेंगे।
- नगर के सार्वजनिक स्थलों को वाई-फाई कनेक्टिविटी से जोड़ा जायेगा।
- आवारा पशुओं के रहने, चारे और चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।
- विकास कार्यों के लिए विभागों में प्रभावी समन्वय स्थापित करेंगे जिससे बार-बार सड़कों की अनावश्यक खुदाई से जनमानस को परेशानी का सामना न करना पड़े।
- नगर निकायों में सरकारी भूमि की सुरक्षा के उपाय करेंगे और जो भूमि खुर्द-बुर्द की गई है उसकी जांच करवाकर कानूनी रूप से सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाये जायेंगे तथा राजस्व अभिलेखों की कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित की जायेगी।
- स्वच्छता समितियों के भ्रष्टाचार की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ ही संवैधानिक नियमों का पालन कर पर्यावरण मित्रों और सफाई कर्मियों की भर्ती करेंगे।
