देहरादून पुलिस ने किया ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, हुआ चौंकाने वाला खुलासा
देहरादून पुलिस ने किया ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, हुआ चौंकाने वाला खुलासा
देहरादून: प्रेमनगर में प्लास्टिक कट्टे में मिली महिला के शव का मामला सुलझ गया है। पुलिस ने गहन जांच के बाद मृतका रूपा के पति रंजीत शर्मा को गिरफ्तार किया है।
11 मार्च को जंगल से बरामद हुआ था शव
दरअसल 11 मार्च को प्रेमनगर के मांडूवाला इलाके में शीतला माता मंदिर के पास जंगल में एक महिला का शव कट्टे में बंद मिला था। शव कई दिन पुराना था। चेहरा खराब होने के कारण मृतका की पहचान होना मुश्किल था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल के निर्देश पर 8 टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने 2500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले और 30 से अधिक झुग्गी बस्तियों में सर्च अभियान चलाया और करीब 5000 लोगों का सत्यापन किया। इसी दौरान पुलिस को एक मजदूर पर शक हुआ। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म काबुल लिया।
पूर्व पति ने उतारा था मौत के घाट
आरोपी रंजीत शर्मा (32) मूल निवासी बिहार ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी रूपा से वर्ष 2009 में शादी हुई थी। 4 साल पहले रूपा ने भागकर किसी अन्य पुरूष के साथ शादी कर ली थी। जिसके बाद उसने भी अपने बगल के गांव में रहने वाली सुशीला नाम की महिला से शादी कर ली, जो पहले से ही शादी शुदा थी। रंजीत ने बताया कि वो पिछले 12 सालों से देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर रहकर मजदूरी कर रहा था। पिछले 1 साल से उसकी दूसरी पत्नी सुशीला गांव में ही रह रही थी। एक साल पहले उसकी पहली पत्नी रूपा अपने दूसरे पति को छोड़कर वापस गांव आ गई। इस दौरान उसने रंजीत से संपर्क कर उससे बातचीत करने लगी।
दूसरी पत्नी से बात न करने का बनाती थी दबाव
आरोपी रंजीत ने बताया कि 23 फरवरी को रूपा अपनी 11 महीने की बेटी के साथ उसके पास देहरादून आ गई और उसके साथ उक्त निर्माणाधीन साइट पर ही रहने लगी। इस दौरान वह उस पर अपनी दूसरी पत्नी को छोडने का दबाव बनाने लगी। जिसे लेकर उनके बीच अक्सर विवाद हुआ करता था। 5 फरवरी की रात वो अपनी दूसरी पत्नी से फोन पर बात कर रहा था। इस दौरान रूपा ने उसका फ़ोन छीन लिया और उस पर दूसरी पत्नी से बात न करने का दबाव बनाने लगी। दोनों के बीच विवाद बढ़ गया हुए gusse में रंजीत ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी।
चार दिनों तक शव को ठिकाने नहीं लगा पाया आरोपी
पुलिस ने बताया आरोपी रंजीत ने शव को एक सफेद कट्टे में डालकर मकान के एक अलग कमरे में रख दिया। साथ ही उसे छिपाने की नीयत से उस पर रजाई डाल दी। आरोप ने उसके बाद अपनी दूसरी पत्नी को फोन कर उसे देहरादून आने के लिए कहा। मृतका की 11 महीने की बच्ची के साथ होने के कारण वो शव को ठिकाने नहीं लगा पाया। आरोपी की पत्नी 8 मार्च को देहरादून पहुंची। जिसके बाद उसने बच्ची को महिला के पास छोड़ दिया और बाइक से शव को शीतला देवी मन्दिर के पास जंगल में फेंक दिया।
