बकरा ईद पर उत्तराखंड के मुसलमानों की मांग, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करें
बकरा ईद पर उत्तराखंड के मुसलमानों की मांग, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करें
उत्तराखंड में आज शांतिपूर्ण तरीके से ईद की नमाज संपन्न हुई। इसी बीच ईद उल अजहा के दिन उत्तराखंड में कुछ ऐसा देखने को मिला जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। नमाजियों ने पोस्टर्स के साथ सड़कों पर उतरकर एक ऐसी मांग रखी जिसने सबको हैरान कर दिया। जी हां, त्यौहार मानने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है।
बकरा ईद पर उत्तराखंड के मुसलमानों की मांग!
दरअसल उत्तराखंड में ईद उल अजहा के दिन नमाज खत्म होने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग अचानक पोस्टर्स और बैनर्स के साथ सड़कों पर उतर आए। लेकिन हैरानी की बात ये है कि इन पोस्टर्स में किसी का विरोध नहीं था। बल्कि गाय को लेकर एक बड़ी मांग लिखी गई थी। मुस्लिम समुदाय के लोगों की मांग है कि गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए।
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करें
जिस गाय को लेकर अक्सर राजनीति और विवाद होते हैं। आज उसी गाय को लेकर मुस्लिम समुदाय खुद आगे आया है। हैरत की बात ये है कि ये प्रदर्शन उस दिन हुआ जब पूरा देश ईद उल अजहा मना रहा था। लेकिन इन नमाजियों ने समाज में शांति और भाईचारे का एक नया संदेश देने की कोशिश की।
गाय भारतीय समाज की आस्था और सम्मान का प्रतीक
इन लोगों का कहना है कि गाय सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि भारतीय समाज की आस्था और सम्मान का प्रतीक है। उनका मानना है कि अगर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए तो देश में लंबे समय से चल रहा आधे से ज्यादा विवाद और सामाजिक तनाव को काफी हद तक खत्म किया जा सकता है।
गाय को खरीद पर समाज में होता है तनाव
मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि गाय को खरीद फरोख्त वगैरा को लेकर अक्सर समाज में तनाव पैदा हो जाता है। लिहाजा इस पर एक प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि गाय की खरीद-फरोख्त और उनपर क्रूरता करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए।
गाय के नाम पर होने वाली राजनीति होगी खत्म
उन्होंने मांग की कि इस मुद्दे पर सख्त कानून बनाया जाए ताकि इस संवेदनशील मुद्दे पर होने वाले विवाद और तनाव की स्थिति हमेशा के लिए खत्म हो सके। उनका मानना है कि जब गाय राष्ट्रीय पशु बन जाएगी, तो उसका सम्मान करना हर नागरिक की संवैधानिक जिम्मेदारी होगी। जिससे समाज में भाईचारा और अमन कायम होगा।
