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उत्तराखंड : असली शाह तो नौकरशाह!

मंत्रियों की मांग हाशिये पर   आईएएस अफसरों की एसीआर नहीं लिख सकेंगे मंत्री,  सिर्फ मंतव्य देने का मिला हक स्व-मूल्यांकन कर 22 तक एसीआर वेबसाइट पर दर्ज करेंगे आईएएस अफसर देहरादून। उत्तराखंड में तैनात भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अफसरों की वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (एसीआर) स्पैरो वेबसाइट पर दर्ज करने…

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मंत्रियों की मांग हाशिये पर  

  • आईएएस अफसरों की एसीआर नहीं लिख सकेंगे मंत्री,  सिर्फ मंतव्य देने का मिला हक
  • स्व-मूल्यांकन कर 22 तक एसीआर वेबसाइट पर दर्ज करेंगे आईएएस अफसर

देहरादून। उत्तराखंड में तैनात भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अफसरों की वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (एसीआर) स्पैरो वेबसाइट पर दर्ज करने के निर्देश कार्मिक विभाग ने जारी किए हैं। सचिव कार्मिक अरविंद सिंह ह्यांकी के निर्देश पर इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, प्रभारी सचिवों, अपर सचिवों, मंडलायुक्तों व सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया गया है।
इस पत्र में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 की एसीआर 24 अप्रैल तक अंकित होनी जरूरी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वर्ष 2021-22 में अपना स्वयं मूल्यांकन एवं अपने अधीनस्थ अधिकारियों की वार्षिक प्रविष्टियों पर प्रतिवेदन/समीक्षक अधिकारी के रूप में अपना मंतव्य वेबसाइट पर अविलंब अंकित करें। इसके बाद कार्मिक विभाग मुख्यमंत्री व मंत्रियों का मंतव्य प्राप्त कर वार्षिक प्रविष्टि को पूरा कराएगा।
हालांकि कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज विभागीय सचिवों की एसीआर लिखने का अधिकार मांग रहे हैं, लेकिन नियमों में अभी उनकी एसीआर पर मंत्री के मंतव्य का ही प्रावधान है। ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से वह संबंधित अधिकारी की एसीआर पर अपना कमेंट लिख सकते हैं।

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