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उत्तराखंड : शहीद जगेंद्र सिंह चौहान का पार्थिव शरीर पहुंचा उनके आवास

देहरादून। सियाचिन ग्लेशियर में पेट्रोलिंग के दौरान शहीद होने वाले कान्हर वाला भानियावाला निवासी जगेंद्र सिंह चौहान का आज पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका पार्थिव शरीर आवास पर पहुंचाया गया। हरि‍द्वार में पूरू सैन्‍य सम्‍मान के साथ उनका अंतिम संस्‍कार किया जाएगा। बता दें कि, सियाचिन में तैनात जगेंद्र सिंह 20 फरवरी को गश्त…

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देहरादून। सियाचिन ग्लेशियर में पेट्रोलिंग के दौरान शहीद होने वाले कान्हर वाला भानियावाला निवासी जगेंद्र सिंह चौहान का आज पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका पार्थिव शरीर आवास पर पहुंचाया गया। हरि‍द्वार में पूरू सैन्‍य सम्‍मान के साथ उनका अंतिम संस्‍कार किया जाएगा। बता दें कि, सियाचिन में तैनात जगेंद्र सिंह 20 फरवरी को गश्त के दौरान ग्लेशियर की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सियाचिन के बेस अस्पताल में 21 फरवरी की रात उनका निधन हो गया था। डोईवाला के कान्हर वाला निवासी हवलदार गजेंद्र सिंह (35) चौहान पुत्र राजेंद्र सिंह चौहान के निधन की सूचना से पूरे भानियावाला में शोक की लहर दौड़ गई। जगेंद्र सिंह चौहान 325 लाइट एडी बटालियन में हवलदार थे। 2007 में वे सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी बटालियन सियाचिन ग्लेशियर में तैनात थी। उनके शहीद होने की सूचना मिलते ही पत्नी किरन चौहान और माता विमला चौहान गहरे सदमे में हैं। करीब चार साल पहले उनका विवाह हुआ था। पूर्व ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मूलरूप से भनस्वाड़ी, थत्यूड़ ब्लॉक, टिहरी गढ़वाल निवासी राजेंद्र सिंह चौहान पिछले 2007 से कान्हरवाला भानियावाला में निवास कर रहे थे। जगेंद्र सिंह चौहान के शहीद होने की सूचना मिलते ही गांव में शोक छा गया।

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