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चलती बस के ब्रेक फेल हुए तो चालक ने ऐसे बचाई 40 लोगों की जान!

रोडवेज की बसें भगवान भरोसे लोहाघाट से दिल्ली जा रही लोहाघाट डिपो की बस में सवार लोगों की बाल-बाल बची जान लोहाघाट के वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी भुवन चंद्र आर्या ने इस मामले में दी सफाई कहा, कार्यशाला में चार माह से फोरमैन का पद रिक्त होने से फिटनेस के काम में आ रही अड़चन चंपावत।…

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रोडवेज की बसें भगवान भरोसे

  • लोहाघाट से दिल्ली जा रही लोहाघाट डिपो की बस में सवार लोगों की बाल-बाल बची जान
  • लोहाघाट के वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी भुवन चंद्र आर्या ने इस मामले में दी सफाई
  • कहा, कार्यशाला में चार माह से फोरमैन का पद रिक्त होने से फिटनेस के काम में आ रही अड़चन

चंपावत। यहां रोडवेज बस का ब्रेक फेल होने से बस बेकाबू हो गई। बस चालक की सूझबूझ से बड़ी दुर्घटना होने से बच गई और बस में सवार 40 यात्रियों की जान बच गई।
बीते शनिवार दोपहर करीब तीन बजे लोहाघाट से दिल्ली जा रही लोहाघाट डिपो की बस (यूके 07 पी/ए 2811) मुश्किल से आठ किमी ही चल पाई थी कि टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तिलौन के पास बस का ब्रेक फेल हो गया। ढलान में जा रही बस का ब्रेक फेल होने से बस में सवार मुसाफिर दहशत में आ गए।
इस बीच चालक पुष्कर भट्ट ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को खाई के बजाय दाहिनी तरफ पहाड़ी से टकरा दिया। इससे बस लुढ़कने से बच गई और यात्रियों को कोई नुकसान भी नहीं हुआ। बस के स्टाफ ने बस में आई खराबी की जानकारी तुरंत लोहाघाट डिपो के अधिकारियों को दी। करीब 25 मिनट के भीतर डिपो से दूसरी बस भेजकर यात्रियों को दिल्ली रवाना किया गया।
इस बारे में लोहाघाट के वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी भुवन चंद्र आर्या ने सफाई देते हुए कहा कि रोडवेज कार्यशाला में करीब चार महीने से फोरमैन का पद रिक्त होने से कभी-कभार फिटनेस के काम में अड़चन आ रही है। बस का परीक्षण किया गया था। उन्होंने दावा किया कि जिस वक्त इस बस को दिल्ली के लिए भेजा गया था तब बस का ब्रेक ठीक था। मामले की जांच कराई जाएगी।



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