उत्तराखंड में 44 विशेषज्ञ चिकित्सकों की होगी भर्ती, मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी सुविधाएं

 उत्तराखंड में 44 विशेषज्ञ चिकित्सकों की होगी भर्ती, मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी सुविधाएं

देहरादून। चिकित्सा स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्री सुबोध उनियाल ने विभागीय समीक्षा में निर्णय लिया कि अब स्पेशियलिटी सेवाओं को बढ़ाने के लिए एनएचएम के माध्यम से 44 विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती की जाएगी।

इन्हें 5.75 लाख रुपये प्रतिमाह के वेतन पर भर्ती किया जाएगा। वहीं आयुष्मान भारत योजना के तहत केस आधारित सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की सेवाएं सभी मेडिकल कालेजों में उपलब्ध कराई जाएंगी।

इसमें कार्डियोलाजी, न्यूरो सर्जरी और नेफ्रोलाजी जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं आम जनता को सुलभ हो सकेंगी। डाक्टरों का भुगतान केस के आधार पर आयुष्मान योजना से होगा।

चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्राचार्यों व संकाय सदस्यों की समीक्षा बैठक स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कालेजों से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। प्राचार्यों ने संस्थानों में फैकल्टी की कमी, सुपर स्पेशलिस्ट पदों के सृजन, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, कैथ लैब की स्थापना (पीपीपी मोड) तथा आधारभूत ढांचे से संबंधित समस्याएं प्रमुखता से उठाईं।


स्वास्थ्य मंत्री ने निर्णय लिया कि श्रीनगर मेडिकल कालेज में ट्रामा सेंटर को सुदृढ़ किया जाएगा तथा न्यूरो सर्जरी से संबंधित आधुनिक उपकरण एवं आधुनिक एंबुलेंस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं अल्मोड़ा मेडिकल कालेज के लिए पांच नाली भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

इसके साथ ही पीपीपी माेड में बहुजनपदीय क्लब आधारित कैथ लैब सेवा संचालित करने का निर्णय लिया गया। हरिद्वार, अल्मोड़ा एवं श्रीनगर मेडिकल कालेज में पीपीपी मोड पर कैथ लैब की स्थापना को मंजूरी दी गई।

सभी मेडिकल कालेजों फायर एनओसी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सेवानिवृत्त चिकित्सकों की संविदा पर तैनाती व सभी मेडिकल कालेजों में बायोमेडिकल, इलेक्ट्रिकल एवं सिविल इंजीनियरों की नियुक्ति का भी निर्णय लिया गया, ताकि संस्थानों का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।

इसके अतिरिक्त मैदानी, पर्वतीय एवं सीमांत जिलों में कार्यरत फैकल्टी के लिए वेतन संरचना में सुधार का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश विभागाध्यक्ष को दिए गए।

उन्होंने कहा, सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के सभी नागरिकों को उनके घर के निकट ही गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

इस दिशा में आयुष्मान भारत योजना को सुपर स्पेशलिस्ट सेवाओं से जोड़कर इसका दायरा और अधिक व्यापक बनाने पर बल दिया गया। बैठक में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सुनीता टम्टा, चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक अजय आर्या सहित विभागीय अधिकारी, प्राचार्य एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Khabri Bhula

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